कालीघार बंद होने से 11 रूट फेल

चुवाड़ी (चंबा)। कालीघार बंद होने से पठानकोट डिपो के चुवाड़ी आने वाले 11 बस रू ट फेल हो गए हैं। इस कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक कालीघार में भारी मात्रा में भूस्खलन हो रहा है। चुवाड़ी-लाहडू-चुवाड़ी सड़क के बीच पड़ने वाली कालीघार ने इतना रौद्र रू प धारण कर लिया है कि आम आदमी परेशान हो गया है। कालीघर में सड़क इतनी तंग है कि बड़ा वाहन बड़ी मुश्किल से निकल पाता है। पठानकोट बस निगम के अधिकारियों की मानें तो कालीघार पर मौजूदा समय में बड़ी बस नहीं चलाई जा सकती है। इसके चलते पठानकोट डिपो की सारी बसें लाहडू तक ही भेज रहे हैं अधिकारियों ने माना कि अगर सड़क ठीक हो जाए तो वह चुवाड़ी बस भेज सकते हैं। बड़े वाहनों के योग्य रास्ता न होने के चलते चुवाड़ी में पठानकोट डिपो की बसें एक माह से नहीं आ रही हैं । बसें न चलने से हालात इतने खराब हैं कि लोगों को बस से चार गुणा ज्यादा किराया खर्च कर चुवाड़ी पहुंचना पड़ रहा है। लोगों को चुवाड़ी से लाहडू पांच किलोमीटर का सफर तय करने के लिए बीस रुपये का किराया देकर छोटे वाहनों में आना-जाना पड़ रहा है। चुवाड़ी लाहडू के लिए छोटे वाहन मालिक मनमाफिक किराया वसूल रहे हैं। वहीं पठानकोट डिपो के 11 बस रू ट चुवाड़ी न आने के चलते फेल हो रहे हैं। इसमें ददरियाड़ा से पठानकोट सुबह साढ़े छह बजे, चुवाड़ी-हुबार-पठानकोट सुबह सवा सात बजे, भराड़ी पठानकोट सुबह 9 बजे, चुवाड़ी-द्रमण पठानकोट सुबह 10 बजे, चुवाड़ी पठानकोट सुबह 10 बजे, चुवाड़ी पठानकोट सुबह साढे़ ग्यारह बजे, चुवाड़ी हुबार पठानकोट दोपहर दो बजे, चुवाड़ी पठानकोट साढे चार बजे, पठानकोट द्रमण 5 बजे, ददरियाड़ा पठानकोट साढे़ छह बजे कालीघार में बड़ी बस के लिए तंग रास्ता होने की वजह से प्रभावित हो रहे हैं। यह बस रू ट प्रभावित होने के कारण रोजाना सैकड़ों लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी परेशान होना पड़ रहा है। वहीं, अगर कालीघार को बड़ी बसों के लिए खोल दिया जाता है तो ये सब रू ट बहाल हो सकते हैं। वहीं, पठानकोट डिपो के आरएम राज कुमार जरियाल का कहना है कि सरकार ने निर्देश जारी किए हैं कि जहां पर सड़क खराब हो वाहन को वहां तक ही ले जाया जाए। उन्हाेंने कहा कि चुवाड़ी के कालीघार में बड़ी बस योग्य सड़क न होने के चलते बसों को नही भेजा जा रहा है। उधर, लोक निमार्ण विभाग के अधिशासी अभियंता डलहौजी बीके शर्मा का कहना है कि जैसे ही कालीघार बंद होती है तो खोल दिया जाती है। बडे़ वाहनों को निकलने योग्य सड़क को बहाल कर दिया गया है।

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